News Analysis Desk | दरभंगा
बिहार में आस्था के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण पर्वों में से एक छठ पूजा का चार दिवसीय अनुष्ठान इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। चैत माह में पड़ने वाले चैती छठ 2026 के अवसर पर दरभंगा सहित पूरे बिहार में भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहां घाटों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
🌅 दरभंगा के घाटों पर भव्य दृश्य
दरभंगा के प्रमुख घाटों—बागमती नदी और गंगासागर तालाब—पर हजारों व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया।
घाटों पर चारों ओर
- दीपों की रौशनी
- लोकगीतों की मधुर ध्वनि
- और “छठी मैया की जय” के गगनभेदी जयकारे
ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
🧹 प्रशासन की विशेष तैयारी
इस बार नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने घाटों पर विशेष व्यवस्थाएं कीं:
- साफ-सफाई का विशेष अभियान
- बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था
- प्रकाश और पेयजल की व्यवस्था
इन व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
🌾 गांव-गांव में छठ की रौनक
सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी छठ पर्व को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
- मधुपुर और रतनपुरा गांव में सामूहिक छठ पूजा का आयोजन
- पवन श्रीवास्तव के घर पर महिलाओं द्वारा पारंपरिक पूजा
- लोकगीतों और रीति-रिवाजों के साथ पूरे गांव में उत्सव का माहौल
यह दृश्य बिहार की सामूहिक संस्कृति और एकता को दर्शाता है।
🎭 सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने छुआ दिल
तारडीह प्रखंड के एक स्कूल में बच्चों ने छठ पूजा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया।
वहीं, केवटी प्रखंड में 301 कन्याओं की भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जो श्रद्धा और परंपरा का अनूठा उदाहरण बनी।
सिंहवाड़ा में विल्व वृक्ष पूजन के साथ दुर्गा पूजा की शुरुआत ने धार्मिक माहौल को और भी गहरा कर दिया।
🪔 कोसी भरने की परंपरा
छठ पर्व की खास परंपराओं में से एक ‘कोसी भरना’ भी पूरी श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।
इसमें व्रती पूरी रात दीप जलाकर
- सूर्य देव
- और छठी मैया
की आराधना करते हैं। यह परंपरा संतान सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए की जाती है।
🙏 आस्था और विश्वास की मिसाल
एक व्रती रुणा देवी ने बताया कि उन्होंने संतान प्राप्ति की कामना से छठ व्रत रखा था, जो इस वर्ष पूरी हुई। उन्होंने इसे छठी मैया की कृपा बताया।
ऐसी countless कहानियां इस पर्व को सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का जीवंत प्रतीक बनाती हैं।
📅 चार दिनों का पवित्र अनुष्ठान
छठ पर्व चार प्रमुख चरणों में संपन्न होता है:
- नहाय-खाय
- खरना
- संध्या अर्घ्य
- उषा अर्घ्य
हर चरण का अपना धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, जो इस पर्व को और भी खास बनाता है।
🔍 News Analysis: आस्था से सामाजिक एकता तक
छठ पूजा सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि बिहार की सामाजिक एकता, अनुशासन और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
👉 इस पर्व की खास बातें:
- बिना किसी भेदभाव के सामूहिक भागीदारी
- स्वच्छता और अनुशासन पर विशेष जोर
- प्रकृति और सूर्य उपासना का वैज्ञानिक महत्व
चैती छठ 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बिहार की सांस्कृतिक पहचान कितनी गहरी और जीवंत है।
दरभंगा के घाटों पर उमड़ा जनसैलाब, गांव-गांव में दिखा उत्साह और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था यह दर्शाती है कि छठ पूजा सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि जीवन का उत्सव है।
छठी मैया की कृपा से यह आस्था यूं ही बनी रहे—इसी कामना के साथ पूरा बिहार भक्ति में लीन है।