शिक्षा के क्षेत्र में भी कई नई पहल देखने को मिल रही हैं। कई विश्वविद्यालय और कॉलेज अब पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ कौशल आधारित कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव देना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती अर्थव्यवस्था में छात्रों के पास केवल डिग्री होना पर्याप्त नहीं है। उन्हें तकनीकी कौशल, डिजिटल ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव की भी जरूरत होती है। इसी कारण शिक्षा संस्थान नए पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं।